शुक्रवार, 6 मई 2022

निडरता || fearlessness

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एक बार हैवेन में नये एंजेल की भर्ती चल रही थी। प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, केवल एक सीट बाकी थी लेकिन लोग अब भी बड़ी संख्या में कतार में लगे थे।



चयनकर्ताओं ने सभी कैंडिडेट से कहा कि जाओ धरती से कोई ऐसा इंसान ढूंढ लाओ जो बिल्कुल निर्भीक हो, जो किसी से न डरता हो।



सभी लोग प्रश्न सुनते ही धरती की ओर दौड़ पड़े। वही कुछ लोगों ने अपने को एंजेल बनने की होड़ से बाहर कर लिया और एक किनारे हो गये। शायद उन्होंने  हार मान ली थी।



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खैर सभी कैंडिडेट अपने-अपने हिसाब से निर्भीक लोग लाने लगे।



किसी ने अनेक युद्ध जीत चुके योद्धा, किसी ने तपस्वी, किसी ने दबंग राष्ट्राध्यक्षों को ले आये ।



किसी ने सबकुछ खो चुके भिखारी,, यहाँ तक कि कुछ ने गुंडे-डॉन सरीखे लोगो तक को उठा लाये।


निडरता || fearlessness


लेकिन अलग अलग तर्को से चयनकर्ताओं ने सब को खारिज कर दिया और रिपोर्ट मुख्य चयनकर्ता को दिया,, उसने सबसे पहले उन उम्मीद्वारों को बुलाया जिन्होंने निर्भीक लोगों को खोजने के सवाल पर अपनी उम्मीद्वारी छोड़ दी थी।



मुख्य चयनकर्ता के पूछने पर एक को छोड़कर सभी ने बताया कि पूरी तरह निडर व्यक्ति दुनिया में नही होता, हर किसी को थोड़ा न थोड़ा डर होता ही है। शतप्रतिशत निडर व्यक्ति का दुनिया में होना असम्भव है।



अब उस एक कैंडिडेट को बुलाकर मुख्य चयनकर्ता ने पूछा कि तुमने उम्मीद्वारी क्यो छोड़ी?



उसने बताया कि 'पहले मैं भी एंजेल बनने के लिए लालायित था,,लेकिन मुझे डर भी था कि यदि एंजेल न बन पाया तो क्या होगा?'



आगे उसने बताया कि 'यहाँ की आपाधापी देखकर मुझे एहसास हुआ कि इस डर के साथ एंजेल बनना ठीक नही इसलिए मैं लाइन से हट गया।'



जवाब सुनकर मुख्य चयनकर्ता ने उस कैंडिडेट को एंजेल की आखरी सीट दी *क्योंकि उसे पता चल गया कि धरती में चाहे कोई निडर व्यक्ति हो न हो लेकिन यह कैंडिडेट खुद अपने आप मे निडर है।*



जब हैवन में पद प्राप्ति के लिए अपने गुणों को बढ़ चढ़कर दिखाने की मारा मारी चल रही थी..



*तब एक कैंडिडेट द्वारा आसानी से अपनी कमियों को स्वीकार कर लेना बड़ी बात है।*


लेकिन कहानी का असली क्लाइमैक्स तो अभी बाकी था क्योंकि उस कैंडिडेट ने एंजेल का पद अस्वीकार करते हुए मुख्यचयनकर्ता से धरती में वापस जाने की अनुमति मांगी।


उसने कहा कि - 'वह अपनी कमियों के साथ वह एंजेल का पवित्र पद धारण नही कर सकता, इसलिए वह जाना चाहता है।'



मुख्यचयनकर्ता जान गया कि इसमें पद की लालसा नही है लेकिन उसे जो सबसे ज्यादा प्रभावित किया वह था निडरता से अपनी बात रखने की क्षमता। फिर उसने उसे धरती में जाने की अनुमति दे दी।


धन्यवाद


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