Top 10 hindi memes
1.
नमस्कार दोस्तों, मेरे ब्लॉग में आप सभी का स्वागत है।आपको इस ब्लॉग में बेस्ट मोटिवेशनल स्टोरी, inspiration hindi stories, moral tale hindi stories,short stories in hindi,life changing stories in hindiजीवन दर्शन, प्रेरक प्रसंग, कहानियाँ , इतिहास तथा सामाजिक मुद्दों पर लेख व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेगी। ब्लॉगिंग के पीछे मेरा उद्देश्य अच्छे विचारों और सर्वोत्तम ज्ञान को साझा कर प्रतिदिन कुछ नया सीखने की भावना रही है। धन्यवाद। - राकेश प्रजापति
🟪🟪🟪🟪🟪🟪🟪🟪
एक आदमी बाज़ार जाता है तो उसे रोज एक सब्जीवाला बड़े प्रसन्नचित होकर काम करता दिखाई देता।
एक दिन उसने सब्ज़ी वाले से उसकी प्रसन्नता का कारण पूछा,, सब्जी वाले ने कहा भैया भले मैं कम पैसा कमाता हूँ लेकिन मैंने *संतोष* कर लिया है इसलिए प्रसन्न रहता हूँ।
उसका जवाब सुनकर वह आदमी अपने घर आने के बाद ऑफिस चला जाता है।
ऑफिस में उसका सीनियर उसे बुलाता है और इस महीने के दिये गए टारगेट की बाबत पूछता है।
टारगेट से वह कोसो दूर था इसलिए सीनियर उसे प्रेरित करते हुए कहता है कि हमेशा *ज्यादा का टारगेट* रखो।
...एक महीने में तुम्हारा टारगेट 500 कस्टमर है तुम उसे 700 मानो और 800 के लायक मेहनत करो ,, फिर देखना तुम हर महीने कम से कम 500 का टारगेट आसानी से पूरा कर लोगे।
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
काम खतम होने के बाद वह घर जाने को निकाला, रास्ते मे ऑफिस में काम करने वाला एक मित्र मिला।
मित्र ने बताया कि इस महीने टारगेट पूरा न करने वाले कर्मचारियों को तनख्वाह नही मिलेगी,,
इसलिए मैंने कुछ पार्ट टाइम जॉब खोज रखे हैं,, रोज सुबह शाम 1-2 घण्टे देने पड़ते है , काम ऑनलाइन है। भाई *इनकम के एक साथ कई स्रोत* होना जरूरी है।
अब मित्र से विदा लेकर वह घर आया , घर मे ससुर जी पधारे थे,,
उसने दामाद की व्यस्तता देखकर कहा बेटा *जो भी काम करो अच्छे से करो* ,, इधर उधर दस जगह दिमाग न लगाओ तो सुखी रहोगे।
🔷🔷🔷
अब उस आदमी ने अपना *सिर पीट* लिया-
*सब्जी वाले* ने उसे सन्तोषम् परम सुखम की बात कहते हुए कम धन में खुश रहने को बताया,,
वही *सीनियर* बड़ा सोचने, महत्वाकांक्षी बनने और अपना सपना पूरा करने को उद्दीप्त किया।
*मित्र* ने केवल एक आय के स्रोत में निर्भर न रहने को कहा ताकि आर्थिक अनिश्चितता से बच सके,,इसलिए उसने एक साथ कई काम करने की सलाह दी।
वही पर अब *ससुर* महाशय ने उसे एक बार मे केवल एक काम करने का आत्मज्ञान दिया।
इतनी उलझन से वह आदमी कन्फ्यूज हो गया। केवल वही नही कोई भी कन्फ्यूज हो सकता है,,,, सामान्य भाषा में कहे तो *दिमाग का दही* हो जाये।
🙄🙄🙄🙄🙄🤔🤔🤔
चलिए इस उलझन को सुलझाने का प्रयास करते है। महापुरुषों का कथन, विचार, कहावतें, प्रेरक वाक्य इत्यादि का उद्भव उसके लेखक द्वारा अपने स्वयं के अनुभव को लिखित रूप में व्यक्त कर किया गया है।
चूंकि प्रत्येक व्यक्ति एक समान विचार या कार्यशैली के नही होते अतः हर एक प्रेरक वाक्य को हर किसी के द्वारा अपनाया जाना ठीक नही है।
व्यक्ति पहले स्वयं की क्षमता, स्थिति इत्यादि का आकलन कर ले और उसके अनुरूप जो प्रेरक विचार उसे जंचता हो उसे अपना ले।
जैसे एक व्यक्ति को यदि सन्तोष करने में आनंद आता है तो उसे महत्वकांक्षी बनने की आवश्यकता नहीं है। इसी तरह यदि व्यक्ति महत्वकांक्षी बनकर हर स्थिति से आनन्दपूर्वक निपट लेता है तो वह उसी प्रकार के विचार के साथ जा सकता है।
वैसे ही यदि किसी को एक साथ अनेक कार्य करने में दिक्कत नहीं है तो उसे अनेक प्रकार के कार्य करने चाहिए,, लेकिन यदि किसी को अनेक कार्य करने से सुख चैन खो जाता है तो उसे एक ही कार्य करने चाहिए।
धन्यवाद।।
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
भोलू हर रोज की तरह अपने पान ठेले पर बैठा पान बना रहा था। उसी समय एक कार आकर ठेले के पास रुका उसमें से सूट पहने एक आदमी गाड़ी के काँच को नीचे ...