रविवार, 10 अक्टूबर 2021

क्या एफ डी में निवेश करना पैसा को बर्बाद करना है || Kya FD me invest paisa barbad karna hai?

 निवेश करने का बुनियादी सिद्धांत हमे बताता है कि कभी भी व्यक्ति को एक ही क्षेत्र में अपनी सम्पूर्ण राशि नही लगानी चाहिए।



जहाँ तक बात फिक्स डिपॉजिट की है तो इसमे प्रायः 6 - 7 % ब्याज मिलता है।



शेयर बाजार, म्युचुअल फंड्स, रियल इस्टेट की अपेक्षा यह रिटर्न कम है।



अतः कम रिटर्न मिलने के कारण एक सामान्य धारणा होती है कि फिक्स डिपॉजिट में इन्वेस्ट करना धन की बर्बादी है।



लेकिन यह पूरा सच नहीं है , देखिये शेयर बाजार में हमेशा खतरा होता है कि मार्केट पूरा क्रैश हो जाये या आपके निवेशित स्टॉक धराशायी हो जाए या कंसोलिडेशन में चला जाये वह भी न जाने कितने वर्षों तक।



शेयर बाजार, म्युचुअल फंड्स, रियल इस्टेट, बांड , गोल्ड कमोडिटी इत्यादि में उक्त खतरा बना होता हैं अतः व्यक्ति अपनी सम्पत्ति का एक हिस्सा फिक्स डिपॉजिट में भी रख सकता है।






FD में चाहे मार्केट कैसी भी स्थिति में हो आपको एक निश्चित ब्याज, मूलधन की पूरी सुरक्षा के साथ तय वर्षो में वापस मिल जाता है।



साथ ही यदि आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ती है तो fd तोड़कर आप अपने काम में उसे उपयोग कर सकते हैं वह भी बिना नुकसान के (थोड़े कम लाभ के साथ)


इसकी जगह आपका धन यदि केवल शेयर मार्केट या म्युचुअल फंड या जमीन- घर, या गोल्ड में लगा है और संयोग से ये सब बहुत मंदी में है तब आपको बहुत ज्यादा घाटे के साथ धन निकलना होगा।



कुलमिलाकर फिक्स डिपॉजिट का उपयोग जमा पूंजी तथा इमरजेंसी फंड दोनो के रूप मे कर सकते हैं।



वैसे निवेश करने की सही रणनीति क्या होनी चाहिए जानना चाहते हैं तो या कहाँ कहाँ निवेश करें समझना चाहते है तो तो आप इस लेख को पढ़ सकते हैं-




एक और महत्वपूर्ण बात fd के बारे में यह है कि हर व्यक्ति को शेयर बाजार, म्युचुअल फंड, रियल इस्टेट की बारीकियों की उतनी जानकारी नही होती या उसके पास उतना समय नही होता या वह उतना रिस्क नही उठा सकता तो उसके लिए फिक्स डिपॉजिट अच्छा विकल्प है।



वैसे मैं फिक्स डिपॉजिट में इन्वेस्ट करने को प्रोत्साहित नही कर रहा बल्कि इसमें केवल सम्पत्ति एक हिस्से को रखने की बात कह रहा हूं।



FD का एक बड़ा नुकसान यह है कि जो धन आपको शेयर बाजार में सही ढंग से निवेश के द्वारा अरबपति बना सकता था वह केवल आपको लखपति ही बनाएगा।





दूसरा बड़ा नुकसान यह है कि महंगाई दर प्रायः 6-7%होती हैं अतः आपको फिक्स डिपॉजिट से मिलने वाला कुल राशि से आप उतनी ही वस्तु या सेवा खरीद पाएंगे जितना निवेश के समय खरीद पाते।


निष्कर्ष यह है कि 


                        फिक्स डिपॉजिट में धन लगाना पैसे की बर्बादी नही है , किसी व्यक्ति की क्षमता, आवश्यकता के अनुसार कुछ हद तक सही भी है , लेकिन अधिक राशि FD में रखना ठीक नही है। सिर्फ FD में निवेश किसी व्यक्ति के अमीर बनने के सपने में पलीता भी लगा देता है।

धन्यवाद।।

कृपया इसे भी देखे 


शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2021

कौन सा शेयर स्टॉक खरीदे ? Kaun sa share stock buy kare | which stock to buy?

 कौन सा शेयर ले ??


बाजार में यह बात काफी चर्चा में हमेशा रहती है।


यह बात उतना महत्वपूर्ण नही है कि हम कौन सा स्टॉक ले बल्कि उससे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि हमे कैसा स्टॉक लेना चाहिए


यानी स्टॉक का नाम जानने से ज्यादा बेहतर है कि उस गुण को जाने जिसके कारण उस स्टॉक को खरीदने के लिए चयन किया गया है।


उस स्टॉक में क्या गुणधर्म हो जिससे हम उसे हर माह SIP के लिए चुने।





किसी स्टॉक को खरीदने के लिए उसमे निम्नलिखित गुण होने चाहिए - 



1. बिजनेस मॉडल ऐसा हो कि आने वाले 10-20 वर्षों तक कम्पनी का प्रॉफिट में चलने की सम्भावना हो,, इसके लिए आपको कम्पनी के बिजनेस को बारीकी से समझना होगा।



2. कम्पनी का सेक्टर ऐसा हो जो फ्यूचर ओरिएंटेड हो तो और बढ़िया।



3. स्टॉक का चार्ट अपट्रेंड में हो-





4. कंपनी फंडामेंटल रूप से मजबूत हो, यानी आय, लाभ, एसेट यानी कुल सम्पत्ति इत्यादि बढ़ रहा हो।



5. कर्जमुक्त कम्पनी हो तो अच्छा लेकिन थोड़ा बहुत कर्ज चल जाता है। या कर्ज यदि ज्यादा है, तो क्या कम्पनी को प्रॉफिट हो रहा है जरूर देखें,, या प्रॉफिट होने की कुछ समय उपरांत सम्भावना है, इसे भी देख सकते हैं।



6. यदि कम्पनी लाभ कमा रही है तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट और कैश फ्लो भी देखे की लाभ के बाद कम्पनी के हाथ मे पैसा है कि नही।



7. कम्पनी का मोट व मोनोपॉली बिजनेस यदि है तो अच्छा है।



8. यदि कम्पनी किसी बड़े ग्रुप से जुड़ा है तो अच्छा है , लेकिन जरूरी नही है कि बड़े ग्रुप की सभी कंपनी अच्छी है। इसमें भी कुछ कम्पनी कमजोर रहती है।



9. टेक्निकल एनालिसिस जैसे EPS,ROC, ROCE, PE रेशियो इत्यादि को भी ध्यान में रख सकते हैं लेकिन इसमें बहुत ज्यादा ध्यान नही देना है क्योंकि ये सभी आंकड़े मुख्यतः प्रॉफिट के अनुसार से ही बनते है।



10. कम्पनी का आकार कैसा है यह जरूर ध्यान रखें।

         यानि लार्ज कैप, मिडकैप, स्मॉल कैप ,माइक्रो कैप क्रमशः नीचे की ओर के कम्पनी को कम चुने क्योंकि उतार चढ़ाव ज्यादा होता हैं अर्थात  रिस्क ज्यादा होता है,, मार्केट में कुछ वर्षों के अनुभव के बाद माइक्रोकैप की ओर आना ठीक है। कृपया पेनी स्टॉक से बचे।



11. शेयर होल्डिंग पैटर्न में यदि प्रमोटर, fii, Dii की होल्डिंग ठीक ठाक है तब अच्छा है लेकिन जरूरी नहीं है कि प्रमोटर 75% ही हो , या fii या dii नही है तो कम्पनी खराब है। 



12. डिविडेंड, बोनस, बायबैक, स्प्लिट आदि को देखकर कभी भी शेयर नही चुनने चाहिए। यदि कम्पनी अच्छी है और ये सब मिल रहा है तो बढ़िया है हमारा मुख्य उद्देश्य शेयर का मूल्य बढ़ रहा है कि नही उस पर ध्यान होना चाहिए।



13. एक समान अच्छे गुण वाली कई कम्पनियों का हमे तुलना भी करके देख लेना चाहिए।



14. जरूरी नही है कि हर सेक्टर में हम नम्बर 1 को या लीडर को चुने अपने हिसाब से बढ़िया कम्पनी को चुना जा सकता है।



15. किसी शेयर को चुनने कारण कभी भी यह नही होना चाहिए कि शेयर सस्ता है इसलिए खरीद लिया बल्कि कम्पनी स्ट्रांग है इसलिए चुना जाय।



16. किसी शेयर को खरीदने के पहले सर्च कर देख ले कि उसमें कोई गम्भीर फ़्रॉड तो नही हुआ है या सरकारी नियम कानून ऐसे तो नही बन गए हैं कि कम्पनी का पूरा बिजनेस ही ठप हो जाये।



17. कम्पनी से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी ले, कम्पनी कौन कौन से इंडेक्स में आती है देख ले जैसे निफ़्टी50, सेंसेक्स, निफ्टी नेक्स्ट 50, निफ़्टी बैंक इत्यादि।


इसके अलावा भी कुछ बिन्दुएँ हो सकती है कि कैसे अच्छे शेयर को खरीदे।


फंडामेंटल एनालिसिस के लिए किसी भी अच्छे वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है 


जैसे इकनोमिक टाइम्स , मनीकंट्रोल इत्यादि ,, वैसे मैं मनीकंट्रोल वेबसाइट का उपयोग करता हूँ ,,आप अपने हिसाब से देख लेना। 



सारांश -

            निष्कर्ष यह है कि किसी स्टॉक को खरीदने का मुख्य कारण उसका बिजनेस मॉडल और फंडामेंटल स्ट्रांग होना है। टेक्निकल एनालिसिस की भूमिका अल्प होती है। पहले भलीभांति शेयर का अध्ययन करे फिर ख़रीदे। 


धन्यवाद।।

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021

क्यों सन 2021 में शेयर बाजार इतना ज्यादा ऊपर गया है ? Kyo 2021 me share bazar itana jyada upar gya ?

अभी यह एक पॉपुलर सवाल है कि,, जब कोविड के कारण अर्थव्यवस्था लगातार दबाव में है , तब शेयर बाजार इतना अच्छा प्रदर्शन क्यो कर रहा है ? यह एक स्वभाविक जिज्ञासा काफी लोगो के मन में है।




इसका प्रमुख कारण नीचे है-


👉     कोविड से बेरोजगारी बढ़ी जिससे काफी बड़ी संख्या में नए लोग शेयर बाजार में निवेश या रोजगार की तलाश में आये है,, जिसका प्रमाण cdsl जैसी डिपोजेटरी द्वारा नया डीमैट एकाउंट खोलना है।




👉     कुछ वर्ष पहले चिटफंड कंपनी में सरकार ने लगाम लगाया था उसके लगभग सारे एम्प्लॉयी आज शेयर मार्केट में विभिन्न भूमिका में है।




👉     कोविड के कारण लोगों ने ऐसे व्यवसाय को प्राथमिकता दी जिसमें काम ऑनलाइन हो और वो संक्रमण से बच  सके अतः शेयर मार्केट ऊपर गया।




👉      कोविड ने जहां होटल , टूरिस्ट, परिवहन क्षेत्र पर दुष्प्रभाव डाला जिससे उसके स्टॉक नीचे आये लेकिन उसकी तुलना में कई दूसरे क्षेत्रों जैसे it, फार्मा, टेक कम्पनी इत्यादि के स्टॉक अत्यधिक संख्या में ऊपर गए।




👉       यानी अभी देखे तो कोविड से दुष्प्रभावित स्टॉक कम है और तुलनात्मक रूप में ऊपर जाने वाले स्टॉक हद से ज्यादा है।




👉        भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत की नीति खासकर गालवान घाटी में चीन से झड़प के बाद भारतीय कम्पनियों जैसे केमिकल, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक, टेक कम्पनियों को लगा की स्थिति उनके अनुकूल है अतः वह और अधिक उछले।




👉         चीन जो usa के बाद 2 री बड़ी जीडीपी है विश्व मेंउसका कुछ वर्षों से लगातार usa, भारत, जापान ,आस्ट्रेलिया ताइवान आदि से विवाद चल रहा है,, वही usa से सीधे ट्रेड वार है। जिससे इमर्जिंग मार्केट में चीन के विकल्प के रूप अब भारत को शेष दुनिया पहले की अपेक्षा ज्यादा भाव दे रही है यानी निवेश बढ़ा रही हैं।





👉          तत्कालीन स्थिति में चीन में एवरग्रन्डे और बिजली संकट भी भारतीय शेयर बाजार में पॉजिटिव और नेगेटिव दोनो इफेक्ट डाल सकते हैं लेकिन लांग टर्म में पॉजिटिव ज्यादा होगा।



👉         आने वाले समय मे कंपनियां जो हानि में है , लाभ की स्थिति में तथा जो लाभ में है वो और ज्यादा लाभ में आयेगी इस उम्मीद के कारण भी बाजार भागा है। 




👉           वैसे भारत की कुल आर्थिक स्थिति भले थोड़ा कमजोर हो क्योंकि,,,,, 
                                                                              

                                        इसमें आम जनता के विभिन्न आयामों  जैसे आय, रोजगार, जीवन स्तर ,कानून व्यवस्था, शिक्षा, महिलाओं की स्थिति को देखा जाता हैं ,,लेकिन शेयर बाजार में लिस्टेड कम्पनियों की ओवरऑल स्थिति व्यापार के सामान्य माहौल के कारण बहुत अच्छी तो नही फिर भी ठीक ठाक है यानी खराब नही है।


यही वो सबसे बड़ा वो कारण है जिसके चलते लोग पूछ रहे हैं कि जब अर्थव्यवस्था कमजोर है तब शेयर बाजार क्यो अत्यधिक ऊपर है।


अन्य कुछ गौण कारण भी हो सकते है उसे आप लोग अपने हिसाब से देख सकते है।

धन्यवाद🙏🙏🙏

संरक्षक किसे चुने और क्यो चुने ? Sanrakshak kise chune aur kyo chune ?

 एक राज्य के राजा जब बूढ़े हो गये तब उसे अपने एकमात्र अयोग्य पुत्र के भविष्य की चिंता हुई। उसने सोचा कि राज्य पुत्र को सौंपने के पहले किसी योग्य व्यक्ति को संरक्षक नियुक्त कर दी जाये, जो भावी राजा को मुसीबतों से बचायें।





संरक्षक पद के लिए मंत्रियों सहित आम जनता से भी लोगो को आमंत्रित किया गया। इन सभी को विभिन्न परीक्षण से गुजरना पड़ा।


अंत में तीन उम्मीदद्वार A, B एवं C का चयन अंतिम परीक्षण के लिए किया गया। यह परीक्षण स्वंय राजा द्वारा होना था। 



संयोग से इसी समय राजा के अधीन रहे तीन करद राज्यो में विद्रोह होने लगे , राजा ने तीनों को एक- एक राज्य में शांति बहाली के लिए भेजा।



पहला राज्य-

A ने स्वयं सेना की कमान संभाली, बड़ी वीरता से सेना का नेतृत्व करते हुए सभी विद्रोहियों को खत्म किया और राज्य को पुनः राजा के अधीन में ला दिया।



दूसरा राज्य -

B ने कूटनीति का सहारा लिया विद्रोहियों को बातचीत के लिए बुलाया साथ ही सेना को तैयार भी रखा। कुछ विद्रोही समझौते के लिए तैयार थे अतः राजा की अनुमति प्राप्त कर उनसे समझौता किया गया। जो लोग फिर भी नही माने उनको सेना ने नष्ट कर दिया।



तीसरा राज्य -

C ने चालाकी दिखाते हुए विद्रोहियों को यकीन दिलाया कि वह सेना सहित विद्रोह में शामिल होने आया। विश्वास अर्जन कर धीरे धीरे उसने उस राज्य की सत्ता हथियानी शुरू की और वहाँ का शासक बन बैठा। फिर सभी विद्रोहियों को गिरफ्तार कर राज्य को राजा को सौप दिया।



राजा का निर्णय

राजा के लिए निर्णय लेना कठिन था , लोग अपने- अपने तर्क के साथ A, B व C का समर्थन कर रहे थे लेकिन ज्यादातर लोग C का समर्थन कर रहे थे क्योंकि उसके अभियान में एक सैनिक भी नही मारा गया और रक्तपात भी नहीं हुआ।


दूसरे दिन राजा ने B को संरक्षक बनाने की घोषणा की , बाद में रानी ने इसका कारण पूछा तो राजा ने बताया कि -



'A वीर और आज्ञाकारी है , वह अच्छा सेनापति बन सकता है लेकिन अच्छा संरक्षक नही उसने विद्रोहियों पर सीधे बल प्रयोग किया जो कि एक संरक्षक का गुण नही है।'



'C चालक है और थोड़ा धूर्त भी शक्ति हाथ में आते ही वह निरंकुश हो गया था। राजा को सूचित किये बिना ही वह शासक बन गया था। अतः ऐसे लोग बहुत गुणवान राजा के अंतर्गत रह कर अच्छा कार्य कर सकते है लेकिन अयोग्य शासक के आते ही उसमे राजा बनने की महत्वाकांक्षा जाग उठेगी।'



'वही B ने संरक्षक की अच्छी योग्यता दिखाई, उसने बातचीत और सेना दोनो का उपयोग किया, विद्रोहियों से समझौते में राजा की राय जानी फिर निर्णय लिया। भले रक्तपात भी हुआ लेकिन उसने विद्रोहियों की समस्या जानी और समझौते की कोशिश की।'



तो सार यह है कि ...,,

                         पुत्र की अयोग्यता को देखते हुए राजा को अच्छे बुरे की सलाह देने वाले और समस्याओं से संरक्षण देने वाले व्यक्ति की जरूरत थी न कि आँख बंद कर आज्ञा मानने वाले और न ही मौका मिलने पर सत्ता हथियाने वाले की।


धन्यवाद।🙏🙏

सबसे ज्याद जरूरी काम || Sabse jyada jaruri kam

भोलू हर रोज की तरह अपने पान ठेले पर बैठा पान बना रहा था। उसी समय एक कार आकर ठेले के पास रुका उसमें से सूट पहने एक आदमी गाड़ी के काँच को नीचे ...