निवेश को क्षेत्रवार बाँटना -
एक आदर्श निवेश प्रबन्धन के अनुसार हमे अपनी कुल राशि या इन्वेस्टमेन्ट को कई भागों में बांटकर शेयर बाजार सहित नीचे दिए गए क्षेत्रो में निवेश करने चाहिए-
1 .शेयर बाज़ार में - आगे इस पर चर्चा करेंगे।
2 .म्यूचुअल फंड में - क्योंकि जब लोग शेयर बाजार की अनिश्चितता के कारण यहाँ शिफ्ट होने लगे तब हमें लाभ मिले।
3 .बांड में - खासकर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में, लोग शेयर बाजार से बांड में भी आते है जब शेयर बाजार महंगा हो।
4 .कॉमोडिटी मार्केट में- तेल,डॉलर,सोने में।
5 .फिक्स डिपॉजिट में - काफी सारे शेयर बाजार निवेशक फिक्स डिपॉजिट से नाक भौ सिकोड़ने लगते हैं लेकिन यह आपके लिए एक इंश्योरेंस की तरह है जब शेयर बाजार में बड़ा क्रैश आये तब इसका उपयोग कर सस्ते में स्ट्रांग कम्पनी के शेयर बड़ी संख्या में खरीद सकते है जैसे 2020 के कोरोना लॉक डाउन में।
6.रियल एस्टेट में - खुद का जमीन लेकर घर बनाना ज्यादा फायदेमंद है किसी बड़ी बिल्डिंग में फ्लैट लेने की अपेक्षा।
शेयर बाजार में निवेश प्रबन्धन जब आप अत्यधिक लाभ में हो -
- यदि लाभ स्ट्रांग शेयर में हो और उसका बिजनेस मॉडल ऐसा है कि आने वाले कई वर्षों तक कम्पनी तेजी से ऊपर जा सकती है तो ऐसे शेयर न बेचे अन्यथा एग्जिट कर सकते है।
- जब मार्केट ऊपर हो तब कम निवेश करे।
- अभी मई जून 2021 में बाजार काफी ऊपर है जिसमे कई कमजोर कम्पनी भी ऊपर भाग गए है चाहे तो इसमें एग्जिट करे
- बबल वाले स्टॉक से जिनका रिजल्ट खराब लेकिन शेयर भाग रहे है, इससे एग्जिट कर सकते है
- एग्जिट किये गए स्टॉक के पैसे का एक हिस्सा को सेविंग या fd करे ताकि क्रैश में काम आये
- एक हिस्से को उन स्ट्रांग शेयर में लगाये जो अभी नीचे लेवल पर है
- पेनी शेयर और घटिया स्टॉक से पीछा छुड़ाने के यह समय अच्छा होता है
- अत्यधिक लाभ की स्थिति में एग्जिट का एक हिस्सा गोल्ड पर भी लगा सकते है
- कुछ लोग अत्यधिक लाभ की स्थिति में सभी शेयर को बेच देते हैं , वही कुछ लोग मार्केट ऊपर होने के कारण निवेश करना बंद कर देते है , यह दोनों काम नही करना है। क्योंकि मार्केट कितना ऊपर या नीचे जाएगा कोई नही जानता।
प्रबन्धन जब आप नुकसान में हो -
➡ पहला कार्य तो यही करना है कि क्यो नुकसान हुआ , कैसे हुआ , कारण क्या था आपसे गलती कहाँ हुई, इसका अध्ययन करना है और आगे बढ़ना है।
➡साथ ही किसी स्टॉक के नीचे आने का कारण देखिये यदि बाह्य कारण से कम्पनी नीचे आई है तो होल्ड करे वही आंतरिक कमजोरी है तो देखे की क्या उस कमजोरी में इतना दम है कि कम्पनी उससे उबर नही पाएगी,इसी आधार पर निर्णय ले।
➡यदि आपको नुकसान हो रहा है लेकिन आपने एग्जिट नहीं किया है तो देखिये कि क्या कम्पनी स्ट्रांग है उसका बिजनेस ऊपर आ सकता है तो होल्ड कीजिए।
➡कमजोर कम्पनी में नुकसान हुआ तो भी एग्जिट कर सकते है।
➡नुकसान से बचने के लिए क्या आपने स्टॉक को डाइवर्सिफाइड किया था यानि अलग अलग सेक्टर में राशि को बाँटकर लगाया था , सामान्यतः10 % से अधिक राशि एक शेयर या सेक्टर में नही लगाया जाता , यदि ऐसा नही किया था तो अब करे।
➡यदि पूरा मार्केट गिरने के कारण आपको नुकसान हो रहा है तो घबराये नही यह कंपनी की खराबी नही है बाद में मार्केट ऊपर जाएगा।
➡अगर मार्केट नीचे है तो सस्ते में अच्छा शेयर पाने का अच्छा मौका है निवेश बढ़ा देना चाहिए लेकिन निवेश एक साथ न कर sip मोड में यानि थोड़ी थोड़ी मात्रा में 20 -20%की गिरावट में करे।
➡यहाँ वहाँ से टिप लेकर tv मोबाइल यूट्यूबमें देखकर या सुनकर निवेश से नुकसान हो सकता है खुद सीख कर निवेश करें।
➡नुकसान होने पर कुछ लोग कर्ज या लोन लेकर या अपने महीने की पूरी कमाई को शेयर बाजार में लगाने लगते है ऐसा निवेश खतरनाक है।
कुल मिलाकर निवेश प्रबंधन व्यक्ति को शेयर बाज़ार में नुकसान से बचाती है , लाभ भले हो न हो लेकिन पोर्टफोलियो को सुरक्षित जरूर रखती है।
नोट-इस लेख के आधार पर शेयर बाजार में अपने निवेश सम्बन्धी निर्णय न ले, खुद रिसर्च कर या अपने फाइनेंस एडवाइजर से सलाह कर निवेश करें।
धन्यवाद🙏🙏