🔵🔵🔵 ओवररेटेड 🔵🔵🔵
कोई चीज जितना महत्वपूर्ण है उसे उससे कही ज्यादा महत्वपूर्ण मानना ओवररेटेड कहलाता है।
आसान शब्दों में कहे तो *किसी को जरूरत से ज्यादा भाव देना ओवररेटेड है *
जैसे-
इंसान के लिए हवा, पानी, भोजन ज्यादा जरूरी है लेकिन वह कपड़ें, जूते, फैशन को ज्यादा महत्व देता है।
इसीप्रकार एक व्यक्ति के लिए उसका परिवार अत्यंत महत्वपूर्ण है ,,जो उसकी सबसे ज्यादा सहायता करता है, 24 घण्टे सहायता हेतु उपलब्ध, सुख दुःख, आपदा में परिवार से ज्यादा कोई काम नहीं आता,,, लेकिन व्यक्ति *दोस्त यार को ज्यादा भाव देता है।*
अर्थात किसी महत्वपूर्ण चीज की अपेक्षा कम महत्वपूर्ण वस्तु को ज्यादा महत्व देने से ओवररेटेड नामक शब्द का जन्म होता है।
फिर इस ओवररेटेड का तत्कालिक हानिकारक प्रभाव क्या होता है आप चित्र से समझ सकते है।
🟢🟢🟢अंडररेटेड 🟢🟢🟢
यह ओवररेटेड का ठीक उल्टा है।
यानी किसी वस्तु को उसकी क्षमता की अपेक्षा कम या बहुत कम महत्व दिया जाना अंडररेटेड कहलाता है।
जैसे-
*विश्व का मोस्ट अंडररेटेड वस्तु जंगल है* इसके ऊपर हमेशा फैक्ट्री, रोजगार, बढ़ती जनसंख्या और पूंजीवाद को प्राथमिकता दी जाती है।
वैसे ओवररेटेड और अंडररेटेड क्या है? सभी लोग जानते है लेकिन प्रस्तुत लेख में इसे कुछ उदाहरण के द्वारा ज्यादा सरल ढंग स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
उम्मीद है कि आप सभी को पसंद आये,
धन्यवाद।।
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