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कुछ विशेष परिस्थितियों में व्यक्ति मजबूर होकर जब अपने स्वाभिमान की तिलांजलि दे कर भोजन जैसी न्यूनतम आवश्यकता की वस्तु के लिए अन्य लोगों के समक्ष हाथ फैलता है तो इसे ही भिक्षावृत्ति या भीख मांगना कहते है।
कम लोगो को जानकारी होगी कि भीख मांगना कानूनन अपराध है तथा इसमे गिरफ्तारी और सजा का प्रावधान है। साथ ही भीख देना भी।
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राज्यो ने भी इसके विरुद्ध एक्ट बनाये हैं जिसे *बेगरी एक्ट* कहते है। पंजाब ,हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार , दिल्ली सहित अन्य राज्यों ने अपने कानून बनाये हैं।
तो क्या वास्तव में भीख मांगना अपराध है,, देखिये यदि नैतिक दृष्टि से देखे तो मजबूरी की स्थिति में भीख मांगना क्षम्य है यानी ठीक है।
लेकिन *जनमानस की दयालुता का फायदा उठाकर किसी व्यक्ति के द्वारा भीख मांगने को धंधा या आय का साधन बना लेना निश्चित ही अपराध है।*
आमजनता की भावनाओं का गलत लाभ उठाना तो निन्दनीय है ही साथ लोगो को भी ऐसे फर्जी भिखारियों से सजग रहने की जरूरत है,,
.....क्योंकि जाने अनजाने में ही सही हम अधिकांश फर्जी भिखारियों को भीख देकर भिक्षावृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं।
यह कटु सत्य है कि इसके लिए आम जनमानस भी उतना ही बड़ा दोषी है जितना कि वो भिखारी।
धन्यवाद🙏🙏
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